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best homeopathic medicine for ringworm/Ringworm Daad ki Homeopathic Dawa in Hindi

रिंगवर्म(Ringworm) दाद की होम्योपैथिक दवा

नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करेंगे रिंगवर्म(ringwom)दाद के बारे में। रिंगवर्म(ringworm) दाद की समस्या फंगल संक्रमण के कारण होती है जो एक बहुत ही जटिल समस्या है। इस रोग में त्वचा पर लाल गोल-गोल चकत्ते दिखाई देते हैं जो एक रिंग(ring) के आकार के होते हैं। इसलिए इन्हें ringworm दाद कहा जाता हैं। ringworm दाद त्वचा पर बहुत जल्दी फैलता है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह त्वचा पर लगातार फैलता रहता है।

यह दाद शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। ज्यादातर यह दाद शरीर के ढके हुए हिस्से में होता है जैसे; महिलाओं के शरीर में जांघों के बीच, कमर पर, स्तनों के निचले हिस्से में, पेट आदि जगहों पर दाद होने का खतरा अधिक होता है। कभी-कभी ये दाद गर्दन के पीछे, चेहरे पर बन सकते हैं। कभी-कभी ये दाद हाथों की उंगलियों के बीच और पैरों पर बन जाते हैं। यह रिंगवर्म दाद शरीर के अन्य भागों में बहुत तेजी से फैलता है।

रिंगवर्म(Ringworm) दाद के लक्षण क्या हैं? आइए जानते हैं।

इस रोग में त्वचा पर गोल पपड़ीदार लाल चकत्ते पड़ जाते हैं, जिसके बीच में साफ त्वचा दिखाई देती है। Ringworm दाद पर बहुत तेज खुजली होना, दाद में जलन, चिपचिपा सा पानी बहना, त्वचा पर लाल रंग के गोलाकार चकत्ते दिखाई देते हैं, रिंगवर्म(ringworm)दाद में इतनी खुजली होती है कि रोगी परेशान हो जाता है और उसे नोच(कुरेद) फेंकने का मन करता है।

Ringworm दाद की होम्योपैथिक दवा

1.Bacillinum 1000CH(1M):- रिंगवर्म दाद से पीड़ित व्यक्ति को महीने में केवल एक बार बैसिलिनम 1M शक्ति की एक खुराक लेनी चाहिए। और इसे लगातार 6-7 महीने तक लगातार लेना चाहिए ताकि यह रोग जड़ से हमेशा के लिए ठीक हो जाए। इस प्रकार इस औषधि के सेवन से दाद ठीक होने के साथ ही सिर में रूसी भी समाप्त हो जाती है। साथ ही बालों का झड़ना भी बंद हो जाता है।

2.Sulpher 200 :- रोगी की त्वचा पर खुजली होना जो खुजली या धोने पर बढ़ जाती है। रोगी की त्वचा का सूखना, त्वचा पर पपड़ी सी जम जाना, नाखूनों की त्वचा में जलन, कोई भी दवा लेने के बाद त्वचा पर दानों का दिखना, गर्मी के मौसम में बहुत तेज खुजली आदि। इन सभी लक्षणों में सल्फर की दवा देने से रोगी की परेशानी दूर हो जाती है।

3. Tellurium 200 :- शरीर के किसी भी भाग पर दाद के लक्षण होने पर यह औषधि बहुत उपयोगी होती है। हाथों और पैरों में खुजली, अंगूठी के आकार का दाद, त्वचा पर चुभने वाला दर्द, पैरों से बदबूदार पसीना, गोलाकार एक्जिमा या दाद जैसे चकत्ते जैसे लक्षणों में यह दवा बहुत फायदेमंद है।

4. Rhus Tox. 200 :- त्वचा पर दाद, त्वचा पर फोड़े-फुंसी, जिनमें दूषित पानी से भर जाता है, त्वचा पर छाजन रोग हो जाता है और त्वचा पर पपड़ियाँ जम जाती है, त्वचा लाल हो जाती है और उस स्थान पर सूजन और खुजली होती है। है। इन सभी लक्षणों में रास टॉक्स दवा देने से रोगी को लाभ मिलता है।

5. Arsenicum Album 200 :- रोगी के प्रभावित हिस्से पर अत्यधिक खुजली और जलन, त्वचा पर सूखे और पपड़ीदार दाने, त्वचा पर दाद, त्वचा पर पित्ती उछर आना जिसमें बहुत जलन व बेचैनी होना , जैसे लक्षणों में रोगी को यह दवा देने से लाभ मिलता है।

नोट :- रिंगवर्म दाद होने पर रोगी को अपने शरीर को साफ और स्वच्छ रखना चाहिए। साफ-सुथरे कपड़े ठीक से पहनना बहुत जरूरी है। दाद से बचने के लिए दाद से पीड़ित व्यक्ति की चीजों जैसे; कपड़े, तोलिया, बिस्तर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए।

नोट:- दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें और लक्षणों के आधार पर ही लें।

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